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– हादसे ने पल भर में उजाड़े हंसते खेलते तीन परिवार

Posted on April 16, 2025


 चीत्कारों से टूटता रहा पोस्टमार्टम हाउस का सन्नाटा: दर्दनाक हादसे में उन्नाव की दो शिक्षिकाओं की मौत के बाद बिलखे परिजन, खून से सने शवों को जिसने देखा वह दहल गया:- हादसे ने पल भर में उजाड़े हंसते खेलते तीन परिवार

कानपुर। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर चादर में लिपटे खून से सने तीन शवों को जिसने देखा, उसका दिल दहल गया। पल भर रुककर जानने की कोशिश की और जब हादसे की कहानी पता चली तो मुंह से बरबस हे! भगवान निकल पड़ा। मृतकों के परिजन भी एक-एक कर मोर्च्यरी आ रहे थे। जैसे ही वह अपनों से मिलते और निगाहें शव की ओर जाती तो चीत्कार से पसरा सन्नाटा एकाएक टूट जाता। मृतका आकांक्षा की बहन और मां के आंसू जैसे तैसे थमते भी तो एकाएक फिर निकल पड़ते। दोनों एक दूसरे को गले लगाकर दर्द बांट रहीं थीं। ऐसी ही कुछ स्थिति अंजुला के परिवार से आई महिलाओं की थी। विशाल के पिता श्रीकांत पर तो दुखों का पहाड़ टूटा था। आखिर क्यों न हो, घर का इकलौता चिराग जो बुझ चुका था। श्रीकांत दहाड़े मारकर रोते तो आसपास खड़े लोग उन्हें चुप कराने में जुट जाते।

बेटे से कुछ देर में आने को कहकर गई थी :बिठूर में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालीं आकांक्षा मिश्रा सुबह ड्यूटी जाने से पहले अपने दो साल के बेटे गौरांग को छाती से चिपकाकर बस कुछ देर में लौटने की बात कहकर स्कूल गईं थीं। उन्होंने अपने बेटे को देवर सौरभ की गोद में दिया था लेकिन कुछ ही देर बाद बिठूर में हुए दर्दनाक हादसे में उनकी मौत हो गई। मासूम इंतजार कर अपनी मां की राह देखता रहा। मां पहुंची लेकिन शव की शैय्या पर। चाचा की गोद में गौरंग मम्मी-मम्मी कहकर रोता रहा। हर रिश्तेदार मासूम को बस थोड़ी देर में मां आ जाएगी की सांत्वना देते रहे।

मां-पत्नी को आशादेवी मंदिर में छोड़कर निकला था विशाल

कल्याणपुर के कश्यप नगर निवासी विशाल द्विवेदी घर के इकलौते चिराग थे। पिछले साल सात मार्च को विशाल की शादी तान्या दुबे से हुई थी। तब विशाल घर की परचून की दुकान पर ही बैठता था। परिवार में पत्नी तान्या, मां मधु, पिता श्रीकांत और तीन बहनें हैं जिनकी शादी हो चुकी है। आठ महीने पहले ही विशाल ने गाड़ी चलाने का काम शुरू किया था। विशाल ने सेकेंड हैंड टाटा जेस्ट कार खरीदी थी।

उमा ट्रैवल्स की बस प्राइवेट फैक्ट्री के कर्मचारियों को छोड़ने कानपुर देहात के रनियां जा रही थी। हादसे में बस में सवार लोगों की जान बच गई। हालांकि इस हादसे में बस का दाहिना हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पहिया तक निकल गया। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। बीच सड़क पर वाहन खड़े होने के वजह से वाहनों की कतार लग गई।

तबीयत खराब होने के कारण बच गई जान

हादसे के बाद साथी शिक्षकों ने बताया कि कार से कल्याणपुर के मकड़ीखेड़ा निवासी प्राइमरी शिक्षक चंद्र प्रकाश मिश्रा भी जाते थे। कुछ दिनों पहले तबीयत खराब होने के कारण वह रूटीन चेकअप के लिए दिल्ली के एम्स अस्पताल गए थे। जिस कारण मंगलवार को वह ड्यूटी नहीं गए थे। जिसकी वजह से उनकी जान बच गई।

उन्नाव में मातम, हादसा सुन तमाम शिक्षक हैलट गए

कानपुर। बिठूर में हुए हादसे ने तीन हंसते खेलते परिवारों की जिंदगियां पल भर में उजाड़ दीं। यह तीनों ही परिवार अपनी मेहनत मशक्कत से भविष्य के सुनहरे ख्वाब बुन रहे थे। हर दिन की जद्दोजहद से उसे संवारने में जुटे थे। विशाल और तान्या के लिए अभी शुरूआत ही थी। उनकी शादी को ही एक वर्ष हुआ है। विशाल ने गाड़ी चलाने की शुरूआत की तो आमदनी बढ़ी। दोस्त आशीष तिवारी ने बताया कि विशाल अच्छे स्वभाव का लड़का था।

उन्नाव, संवाददाता। बेसिक शिक्षा विभाग में मंगलवार को पूरे दिन मातम बना रहा। सुबह साढ़े सात बजे हादसे में दो शिक्षिका और एक चालक की मौत की खबर से सभी का दिल दहल उठा। जबकि एक शिक्षिका की हालत गंभीर होने पर हर कोई उसके स्वस्थ्य होने की प्रार्थना करता रहा। घटना के बाद बीएसए संगीता सिंह और बीईओ अनीता शाह समेत तमाम शिक्षक हैलट पहुंचे और शोक जताया। रामा हास्पिटल में भर्ती शिक्षिका का हालत देखी। घटना के बाद जिले में शोक सभा कर अधिकारियों व शिक्षकों ने दु:ख जताकर उनकी आत्मा की शांति के लिए कामना की।

मंगलवार को सुबह साढ़े सात बजे तीन शिक्षिकाएं हर रोज की तरह कानपुर से प्राइवेट वाहन के जरिए उन्नाव स्थित सफीपुर में ब्लॉक में पढ़ाने के लिए आ रही थी। तभी बिठूर थाना क्षेत्र के पास बस की टक्कर से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में पीएस नयामतपुर में तैनात आकांक्षा मिश्रा, जमालपुर कंपोजिट विद्यालय में तैनात अंजुला मिश्रा और वाहन चला रहे चालक की मौत हो गई। जबकि जमालपुर कंपोजिट में तैनात ऋचा अग्निहोत्री की हालत गंभीर है। जिनका रामा हास्पिटल कानपुर में इलाज चल रहा है। घटना की खबर के बाद पूरे शिक्षा महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की खबर पर स्कूल, कार्यालय और सोशल मीडिया पर घटना पर शोक व्यक्त करते हुए सभी ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। बीईओ मुख्यालय संजय यादव, संजीव शंखवार, विवेक तिवारी, संजय कनौजिया, केएस मिश्रा, प्रदीप वर्मा, गणेश शंकर गुप्ता, अवनीश पाल, राकेश बघेल, बृजेश पांडेय, अनुपम अवस्थी, दीपक पटेल, अक्षय कटियार, अमित द्विवेदी, दिलीप अवस्थी, वेद नारायण मिश्रा, मनोज, सौरभ के अलावा जिले भर के सभी बीईओ, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशकों ने घटना को ह्दय विदारक बताकर शोक जताया।

चीत्कारों से टूटता रहा पोस्टमार्टम हाउस का सन्नाटा: दर्दनाक हादसे में उन्नाव की दो शिक्षिकाओं की मौत के बाद बिलखे परिजन, खून से सने शवों को जिसने देखा वह दहल गया:- हादसे ने पल भर में उजाड़े हंसते खेलते तीन परिवार
2025-04-16T05:33:00+05:30
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