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यूपी के प्राथमिक विद्यालयों में टीएलएम निर्माण पर 2624 लाख का बजट, बच्चों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण

Posted on July 18, 2025


उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत एक बड़ा निर्णय लेते हुए प्राथमिक विद्यालयों में टीचिंग-लर्निंग मटेरियल (TLM) के निर्माण हेतु ₹2624.80 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। यह कदम प्रदेशभर के लाखों बच्चों के लिए शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक, व्यावहारिक और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है।

प्रयागराज को मिला विशेष बजट

प्रयागराज जनपद को भी इस योजना के अंतर्गत विशेष रूप से लाभान्वित किया गया है। कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों के लिए ₹24.97 लाख और कक्षा 3 से 5 तक के लिए ₹43.04 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि का उपयोग शिक्षण में सहायक संसाधनों की खरीद, निर्माण और वितरण हेतु किया जाएगा। सरकार द्वारा प्रत्येक छात्र पर ₹25 की दर से धनराशि निर्धारित की गई है, ताकि गुणवत्ता के साथ सामग्री को उपलब्ध कराया जा सके।

यूपी के प्राथमिक विद्यालयों में टीएलएम निर्माण पर 2624 लाख का बजट, बच्चों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण

अलग-अलग विषयों के लिए तैयार होगा टीएलएम

हर विषय के लिए अलग-अलग शिक्षण सामग्री तैयार की जाएगी, जिसमें छात्रों की उम्र और समझ के अनुसार विभिन्न प्रकार के चार्ट्स, एक्टिविटी शीट्स, मूल्यांकन ट्रैकर्स और कार्यपत्रक शामिल होंगे। स्कूल शिक्षा महानिदेशक द्वारा यह निर्देश जारी किया गया है कि सभी सामग्री का निर्माण स्थानीय आवश्यकताओं और भाषा के अनुसार किया जाए, ताकि छात्रों को अधिकतम लाभ मिल सके।

मूल्यांकन प्रक्रिया को मिलेगा नया स्वरूप

बीएसए के अनुसार कक्षा 1 व 2 के लिए एक विशेष संदर्शिका विकसित की जाएगी, जिसमें साप्ताहिक मूल्यांकन के लिए एक ट्रैकर और निपुण तालिका सम्मिलित की जाएगी। यह सभी दस्तावेज फोटोकॉपी या चार्ट पेपर के रूप में स्कूल स्तर पर तैयार किए जा सकेंगे। इस कार्य के लिए भी टीएलएम फंड का प्रयोग किया जा सकता है।

पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित

शासन द्वारा यह स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है कि टीएलएम निर्माण में खर्च की गई राशि का पूरा विवरण संबंधित जिले को 10 अगस्त 2025 तक ‘प्रबन्ध पोर्टल’ पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे बजट उपयोग की पारदर्शिता और उत्तरदायित्व दोनों सुनिश्चित होंगे।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश सरकार का यह प्रयास न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि छात्रों के सीखने के अनुभव को भी अधिक व्यावहारिक और दिलचस्प बनाएगा। यह कदम ‘निपुण भारत मिशन’ की दिशा में एक और मजबूत पहल है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर बच्चा बुनियादी पढ़ाई, लेखन और गणित में दक्ष बन सके।



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